आपसी सहयोग

आपसी सहयोग की नियमावली

1 परिचय

आपसी सहयोग को देश एवं प्रदेश के बहुतायत विभिन्न संवर्ग एवं समाज से आने वाले जन मानस की मांग पर उनके आर्थिक, सामाजिक सुरक्षा के दृष्टिगत स्थापित की गई है। आपसी सहयोग अपनी शुचिता, पारदर्शिता और एकजुटता के बल पर समाज के विभिन्न संवर्गों की सेवा हेतु तत्पर है। प्रायः हमारे सभी संवर्गों के अंतर्गत आने वाले जन मानस में किसी घर के स्वामी यानी घर की व्यवस्था का संचालन करने वाले किसी व्यक्ति के साथ कोई अप्रिय घटना घट जाए तो परिवार की आर्थिक सहायता करते हुए संबल प्रदान करने हेतु आपसी सहयोग की स्थापना की गई है।

2 कार्य क्षेत्र

यह योजना सर्वप्रथम सम्पूर्ण भारत में संचालित की जाएगी जो कि प्रदेश भर के समस्त संवर्गों के अंतर्गत आने वाले जन मानस के लिए होगी।

3 आयु सीमा

आपसी सहयोग की सदस्यता प्राप्त करने की आयु सीमा 18 वर्ष से लेकर 60 वर्ष तक रहेगी तथा नियमानुसार वैधानिक रहने की स्थिति में 62 वर्ष की उम्र तक सदस्यता बरकरार रह सकेगी।

4 कैसे जुड़ें

आपसी सहयोग से जुड़ने के लिए निर्धारित वेबसाइट पर जाकर नियम एवं शर्तें/नियमावली का अवलोकन करके सहमति देते हुए रजिस्ट्रेशन किया जा सकेगा तथा समस्त सूचनाओं से अपडेट रहने के लिए सदैव वेबसाइट तथा निर्धारित सोशल मीडिया एवं अन्य सभी प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्वतः जानकारी लेते रहना होगा। यदि जानकारी के अभाव में किसी की सदस्यता प्रभावित होती है या किसी प्रकार के सहयोग से वंचित होना पड़ता है तो इसकी जिम्मेदारी सदस्य की स्वयं की होगी, इसके बदले नियम विरुद्ध जाकर कोई शिथिलता प्रदान नहीं की जा सकेगी।

5 व्यवस्था संचालन सहयोग/दान

आपसी सहयोग के समस्त सदस्यों को दानस्वरूप व्यवस्था संचालन हेतु 101 रूपए वार्षिक देय होगा। नोट- व्यवस्था संचालन हेतु दिए गए दान/सहयोग के बदले किसी भी प्रकार का दावा/क्लेम/वापसी नहीं की जा सकेगी।

नोट: व्यवस्था शुल्क अनिवार्य है। व्यवस्था शुल्क न जमा होने की स्थिति में किसी भी प्रकार के लाभ का दावा नहीं किया जा सकेगा, किन्तु व्यवस्था शुल्क जमा होना किसी प्रकार के लाभ की गारंटी नहीं होगी, लाभ/सहायता प्राप्ति हेतु वैधानिक होना आवश्यक होगा।

6 सहयोग की प्रक्रिया

वस्तुतः आपसी सहयोग द्वारा समय-समय पर सदस्यों एवं उनके परिवारों/आश्रितों/नॉमिनी तथा समाज के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाई जाएगी जिसके दिशा निर्देश तथा नियम समय समय पर व्यवस्था/योजना हेतु जारी किए जाएंगे। सबसे लोकप्रिय योजना किसी वैधानिक सदस्य का यदि असामयिक निधन हो जाता है तो आपसी सहयोग से जुड़े सभी सदस्यों को संस्था की आधिकारिक सोशल मीडिया तथा विभिन्न मंचों के माध्यम से आह्वान किया जाएगा। तत्क्रम में आपसी सहयोग द्वारा निर्धारित न्यूनतम सहयोग की धनराशि आर्थिक सहयोग के तौर पर सीधे दिवंगत सदस्य के नॉमिनी के बैंक खाते में भेजना अनिवार्य होगा। आर्थिक सहयोग भेजकर वेबसाइट पर ट्रांजेक्शन डिटेल्स भरते हुए ट्रांजेक्शन रसीद अपलोड करना भी अनिवार्य होगा। सदस्य संख्या के अनुसार प्रति सदस्य न्यूनतम धनराशि घटाने/बढ़ाने का अधिकार संस्था के पास सुरक्षित रहेगा।

7 लॉक इन पीरियड

आपसी सहयोग द्वारा वैधानिकता हेतु लॉक इन पीरियड की अवधि 365 दिन की होगी। इस अवधि में जारी समस्त सहयोग करना अनिवार्य होगा। संस्था द्वारा भविष्य में परिस्थिति अनुसार लॉक इन पीरियड में बदलाव किया जा सकता है।

7(A)

लॉक इन पीरियड के बाद किसी कारणवश सहयोग बीच में छूट जाने की परिस्थिति में वैधानिकता हेतु कुल सहयोग का 90% सहयोग करना अनिवार्य होगा।

नोट: संस्था द्वारा किसी भी प्रकार के मामलों में जहां उचित समझेगा, वहां अपने स्तर से परीक्षण करने व निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होगा। कोई भी सदस्य/नॉमिनी आर्थिक सहयोग प्राप्त करने हेतु कानूनी दावा नहीं कर सकेगा, बल्कि टीम द्वारा वैधानिकता के संबंध में लिए गए निर्णय के आधार पर ही नैतिक रूप से आर्थिक सहयोग कराने का प्रयास किया जाएगा। लाभार्थी को मिलने वाली कुल धनराशि संस्था के अलग अलग सदस्यों द्वारा किए जाने वाले सहयोग पर निर्भर होगी। संस्था द्वारा कोई निश्चित /कम/ज्यादा धनराशि पहुंचने का कोई दावा नहीं किया जाएगा न ही किसी सदस्य/लाभार्थी परिवार द्वारा इस हेतु कोई मांग/दावा/अधिकार/कानूनी दावा पेश नहीं किया जा सकेगा। किसी भी प्रकार का कानूनी विवाद का निपटारा सिर्फ न्यायिक क्षेत्र जनपद गोण्डा में ही किया जाएगा।

8

सहयोग के दौरान या उसके बाद यदि किसी सदस्य द्वारा गलती से निर्धारित राशि से अधिक धनराशि किसी सहयोग हो रहे/हो चुके नॉमिनी के खाते में भेज दिया जाता है तो उचित साक्ष्य प्रस्तुत करने पर नॉमिनी द्वारा वो धनराशि सीधे उस सदस्य के खाते में 3 कार्यदिवस के अंदर वापस करनी होगी। गलती से भेजी हुई धनराशि को वापस कराने तथा संस्था के निर्देशों के पालन हेतु लाभार्थी को सहयोग प्रारम्भ होने से पूर्व निर्धारित फॉर्मेट पर जारी शपथ पत्र देना अनिवार्य होगा।

8(A)

यदि किसी सदस्य द्वारा सदस्यता ग्रहण करने के बाद सहयोग नहीं किया गया या कुछ महीने/वर्षों सहयोग करने के बाद एक या एक से अधिक सहयोग छोड़ दिया गया, परिणामस्वरूप 90% सहयोग के दायरे में भी नहीं आता है या अवैधानिक हो जाता है, ऐसी स्थिति में लगातार 3 माह सहयोग करके और 3 माह अथवा 90 दिन का समय पूरा करके पुनः वैधानिकता प्राप्त कर सकता है।

8(B)

सदस्य द्वारा आत्महत्या करने की स्थिति में तथा सदस्य की मृत्यु ऐसी किसी प्रकार से हुई हो जिसमें लाभार्थी/आश्रित/नॉमिनी दोषी हो या आरोपी हो तो ऐसी स्थिति में आपसी सहयोग द्वारा किसी भी प्रकार का आर्थिक सहयोग नहीं किया जाएगा।

8(C)

वस्तुतः आपसी सहयोग द्वारा दो नॉमिनी घोषित करने का विकल्प प्रदान किया जाएगा फिर भी यदि सदस्य द्वारा बनाए गए नॉमिनी को लेकर कोई विवाद होता है तो संस्था स्वविवेकानुसार हितों को देखते हुए अंतिम निर्णय लेकर सहयोग करवाने हेतु स्वतंत्र होगी जिसे किसी भी प्रकार की न्यायिक/कानूनी चुनौती नहीं दी जा सकेगी।

8(D)

आपसी सहयोग द्वारा सीधे दिवंगत सदस्य के नॉमिनी के खाते में आर्थिक सहयोग कराया जाएगा, इसलिए सहयोग प्राप्त करने हेतु किसी भी प्रकार की न्यायिक चुनौती देने का अधिकार किसी सदस्य/आश्रित/लाभार्थी के पास नहीं होगा।

9 सम्पर्क सूत्र/हेल्पलाइन

आपसी सहयोग द्वारा सदस्यों की सुविधा हेतु हेल्पलाइन नंबर/व्हाट्सएप तथा ईमेल आईडी जारी की गई है, जिस पर कॉल/व्हाट्सएप मैसेज/मेल के माध्यम से जानकारी का आदान-प्रदान किया जा सकता है एवं तकनीकी सहायता प्राप्त की जा सकती है।

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कोई भी सदस्य/व्यक्ति/लाभार्थी/नॉमिनी आपसी सहयोग के खिलाफ दुष्प्रचार या अफवाह फैलाता है तो संस्था उसकी सदस्यता रद्द करने व विधिक कार्यवाही हेतु स्वतंत्र होगी।

10(A)

आपसी सहयोग के किसी पदाधिकारी के साथ कोई सदस्य/व्यक्ति/लाभार्थी/नॉमिनी अभद्र व्यवहार करते हुए या आपसी सहयोग विरोधी गतिविधि में लिप्त पाया जाता है तो संस्था द्वारा स्वविवेकानुसार संबंधित सदस्य की सदस्यता रद्द करने का अधिकार होगा तथा संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी करने हेतु संस्था स्वतंत्र होगी।

11 संस्था को दिए गए 101 रुपए वार्षिक अनुदान/सहयोग

संस्था को दिए गए 101 रुपए वार्षिक अनुदान/सहयोग को निम्नलिखित कार्यों में खर्च किया जायेगा—

  • A. वेबसाइट, ऐप आदि के निर्माण एवं संचालन में।
  • B. कार्यालय की व्यवस्था एवं रख रखाव हेतु।
  • C. कार्यालय में नियुक्त कर्मचारी को मानदेय हेतु।
  • D. दिवंगत सदस्य के स्थलीय सत्यापन हेतु।
  • E. आपसी सहयोग के प्रचार प्रसार और सदस्यता अभियान हेतु।
  • F. भारत के जरूरतमंद व्यक्तियों/समूहों/संस्थाओं के हित में विभिन्न प्रकार का सहयोग करने हेतु।
  • G. विभिन्न प्रकार के सामाजिक, धार्मिक आयोजनों, श्रद्धांजलि सभाओं एवं स्वविवेकानुसार संस्था हित में एवं आवश्यक समझने पर उपभोग हेतु।